माझ्या कविता
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Monday, 26 November 2012
तनहाई में तेरी याद आती है, तो में तनहा कैसे....
तेरी याद हमेशा साथ है, तो में तनहा कैसे...
तेरा साया हमसफर है मेरा, तो में तनहा कैसे..
तेरी मोहोब्बत है जिंदगी के लिये, तो में तनहा कैसे......
--भूपेंद्र परांजपे.
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